झारखण्ड

सहायक पुलिसकर्मियों से पूर्व मुख्यमंत्री ने की मुलाकात, कहा- हेमंत सरकार अमानवीय व्यवहार कर रही

रांची। मोरहाबादी मैदान में सहायक पुलिसकर्मियों के आंदोलन का पांचवां दिन है। नौकरी में परमानेंट करने की मांग को लेकर पिछले शनिवार से आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों से बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुलाकात की। इस दौरान रघुवर दास ने कहा कि नक्सल क्षेत्र के युवाओं को गुमराह होने से बचाने के लिए हमारी सरकार ने अनुबंध पर सहायक पुलिस में आदिवासी-मूलवासी युवाओं को नियुक्त किया। नक्सलवाद पर काबू पाने में इनकी भूमिका अहम रही। आदिवासी-मूलवासी की हितैषी होने का दावा करनेवाली वर्तमान सरकार इनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है।

रघुवर दास ने कहा कि सहायक पुलिसकर्मियों को आंदोलन करते चार दिन हो गये हैं, लेकिन अब तक न तो कोई मंत्री न ही अधिकारी इनकी समस्या सुनने आया है। उलटे इनपर एफआईआर दर्ज की जा रही है, इनकी परिवार वालों को डराया-धमकाया जा रहा है। लोकतंत्र में इस प्रकार का दमन बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।। जिस पार्टी ने आंदोलनकारी का चोला पहनकर भाजपा सरकार की बदनामी कर सत्ता हासिल की। वही आज मुंह छिपाते घूम रही है। इन सहायक पुलिसकर्मियों के दर्द को दरकिनार कर अपनी जिम्मेवारी से भाग रही है। ये तपती धप व कोरोना के बीच अपने घर से दूर छोटे-छोटे बच्चों को लेकर आंदोलन करने को बाध्य हैं।

मोरहाबादी मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग
एहतियातन मोरहाबादी मैदान के समीप सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मैदान से बाहर निकलने वाले चारों तरफ के रास्ते में बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस बल तैनात किए गए हैं। वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी हाल में सहायक पुलिस कर्मियों को सीएम आवास और राजभवन की ओर नहीं जाने दिया जाए। हालांकि, सहायक पुलिसकर्मी लगातार अपनी बात सीएम तक पहुंचाने के लिए राजभवन की ओर जाने का प्रयास कर रहे हैं। सहायक पुलिस कर्मियों पर दबाव बनाने के लिए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है। हालांकि इसके बाद भी सहायक पुलिसकर्मी मानने के बजाय और भी ज्यादा आक्रोशित हो गए हैं।

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