बिहार

इंजीनियर राजीव शुक्ला ने पार्टी के समक्ष रखा जीत का फार्मूला

सुरसंद: राजीव शुक्ला ने अपने कार्यों और जनहित के एजेंडे के साथ साथ पार्टी की जीत का फार्मूला सुझाते हुए कहा है कि 26 सुरसंड विधान सभा में सुयोग्य, शिक्षित, कर्मठ समाजसेवी उम्मीदवार के जीतने का आधार निम्न प्रकार है।
सबसे अधिक मतदाता भूमिहार दूसरे नंबर पर यादव तीसरे नंबर पर मुस्लिम उसके बाद पिछड़ी जाति अनुसूचित जाति वगैरह है वर्ष 90 तक कांग्रेस जीतती रही है यहां से वर्ष 2010 में एक भूमिहार विमल शुक्ला कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में इस विधानसभा से चुनाव लड़ कर 15187 वोट पाए दूसरे एक निर्दलीय भूमिहार पप्पू चौधरी लड़े थे उन्हें 13000 वोट आया था . इस बार की प्रस्तुति बदली हुई है.
यादव मुस्लिम शत प्रतिशत इनदोनो के खिलाफ हैं, जिसकी जानकारी कांग्रेस व राजद के आलाकमान को भी है और वह भी इन परिस्थितियों में उसे बदलना चाहते हैं. इन परिस्थितियों में भूमिहार ब्राह्मण मतदाता शत प्रतिशत गोलबंद हैं की अगर राजनीतिक दल किसी साफ सुथरी छवि के शिक्षित सुयोग्य समाजसेवी भूमिहार उम्मीदवार पे भरोसा करे तो चुनाव में जीत निश्चित होगी.
साथ हीं अगर राजद-कांग्रेस की तरफ से किसी मुस्लिम को विधायक उम्मीदवार बनाया गया तो पूरे क्षेत्र में हिंदू मुस्लिम की लहर होगी और भाजपा समर्थित गठबंधन निर्विरोध रूप से जीत जाएगा.
भाजपा को समाप्त करने के लिए जिले में एक लहर और चर्चा चल रही है की सभी जाति वर्ग का समर्थन एक नए संघर्षशील शिक्षित सुयोग्य समाजसेवी छवि के पक्ष में होगा, जिसकी जानकारी किसी भी अवसर पर मोबाइल से गुप्त रूप से खुले रूप से पता करने से पता चल जाएगा उसी तरह 27 बाजपट्टी विधान सभा का भी हालात है जदयू से रंजू गीता जो यादव जाति से आती है वो विधायक हैं जो कि पिछले चुनाव में महागठबंधन में जदयू था इसलिए वह जीत गई इस बार उनकी हार सुनिश्चित है
.बशर्ते की अगर किसी कारण 26 सुरसंड राजद नहीं छोड़ती है कांग्रेस एवं राजद लिए तो 27 बाजपट्टी जो सुरसंड विधानसभा क्षेत्र के बगल का क्षेत्र है 8 पंचायत सुरसंड से ही कट कर भूमिहार मतदाताओं का पंचायत बाजपट्टी प्रखंड मैं मिला हुआ है जिस कारण उम्मीदवार के रूप में अगर एक नए सुयोग्य उम्मीदवार को प्रस्तावित किया जाता है तो भूमिहार ब्राह्मण मुस्लिम यादव राजपूत यानी फॉरवर्ड क्लास के मतदाता जिले में ऐसे विकल्प को निश्चित हीं सराहेंगे.
मेरा विनम्र आग्रह होगा कि आप अपने स्तर से भी आरजेडी के कार्यकर्ताओं से मोबाइल से जानकारी लेंगे तो मेरे द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर शत प्रतिशत समर्थन मिलेगा. आग्रह है कि अगर पार्टी की सम्बद्ध इकाई सिर्फ गुप्त रूप से दोनों क्षेत्रों से अगर सर्वे करा लें मोबाइल से जानकारी ले लें तो सही तथ्य सामने आ जाएगा . में एक ग्रासरूट के कार्यकर्ता के तौर पे जिले में अपने दल के आंदोलन को अपनी आत्मक एवं संगठनात्मक क्षमता के बदौलत मजबूत बना कर रखने को कटिबद्ध हूँ.

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