कोरोना काल : पड़ोसी राज्यों की तुलना में झारखंड में मरीज कम, लेकिन मौत ने मचाया तांडव

कोरोना काल : पड़ोसी राज्यों की तुलना में झारखंड में मरीज कम, लेकिन मौत ने मचाया तांडव

कोरोना संक्रमण के  मामले में झारखंड के लिए जुलाई का महीना बहुत ही निराशाजनक है। पिछले माह तक झारखंड जहां हर मामले में पड़ोसी राज्यों से बेहतर था, अब लगभग हर मामले में पिछड़ गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में झारखंड में मरीज जहां कम मिले हैं, वहीं मौत का प्रतिशत ज्यादा है। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रति 10 लाख की आबादी पर संक्रमित मरीजों की संख्या बिहार में जहां 220 मरीज मिल रहे हैं, छत्तीसगढ़ में 188 और उड़ीसा में 414 मरीज मिल रहे हैं वहीं झारखंड में दस लाख की आबादी पर मरीजों का आंकड़ा महज 149 का है। जबकि संक्रमित मरीजों की मौत की बात करें तो झारखंड इन सभी पड़ोसी राज्यों से सबसे आगे है।  बिहार में संक्रमित मरीजों की मौत का प्रतिशत .68 है। वहीं, उड़ीसा में .69 और छत्तीसगढ़ में महज .44, जबकि, झारखंड में संक्रमित मरीजों की मौत का प्रतिशत 1.07 पहुंच चुका है। 

रिकवरी में पिछड़ा झारखंड, एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ी : संक्रमण की तेज रफ्तार के कारण झारखंड रिकवरी रेट में भी पड़ोसी राज्यों से काफी पीछे चला गया है। परिणाम है कि राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या अब तक रिकवर हुए मरीजों से भी ज्यादा हो गई है। 

उड़ीसा में सबसे ज्यादा और झारखंड में सबसे कम मरीज : पड़ोसी राज्यों समेत झारखंड में मिले संक्रमित मरीजों की बात करें तो आबादी की तुलना में उड़ीसा में जहां सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं, वहीं झारखंड में सबसे कम। उड़ीसा की जनसंख्या लगभग 4.36 करोड़ है, जबकि वहां अब तक 18110 मरीज मिल चुके हैं। जबकि, बिहार में 11.95 करोड़ में 26,379, छत्तीसगढ़ में 2.87 करोड़ में 5425 मरीज मिले हैं। वहीं झारखंड में 3.74 करोड़ की आबादी में अब तक 5599 मरीज की पुष्टि हुई है। 

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