लालू प्रसाद झारखंड के कोरोना पीड़ितों की मुसीबत बढ़ा रहेः सुशील मोदी

लालू प्रसाद झारखंड के कोरोना पीड़ितों की मुसीबत बढ़ा रहेः सुशील मोदी

पटना। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि जो राजद कोरोना संक्रमण से निपटने में बिहार सरकार हर प्रयास में मीनमेख निकालता है, उसके सुप्रीमो लालू प्रसाद झारखंड के कोरोना पीड़ितों की मुसीबत बढ़ा रहे हैं। चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू प्रसाद इलाज के नाम पर रांची स्थित रिम्स के  कंटोनमेंट जोन में एंटरटेनमेंट कर रहे हैं, जबकि उनकी सुरक्षा के नाम पर 18 कमरे खाली करा लिये गए हैं। इससे आम कोविड मरीजों के लिए बेड कम पड़ गए। गरीबों के मसीहा की वजह से रिम्स को कम से कम 40 बेड समेट कर कमरे खाली करने पड़े। झारखंड सरकार और रिम्स प्रशासन राजनीतिक दबाव में कोरोना मरीजों की अनदेखी कर रहा है। 

डिप्टी सीएम मोदी ने कहा कि यदि कोरोना संक्रमण बढ़े हैं, तो उससे निपटने में सरकार की मुस्तैदी भी बढ़ी है। जांच का दायरा ही नहीं, वेंटिलेटर की उपलब्धता और इलाज की गुणवत्ता भी बढ़ी। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी को अस्पताल में भर्ती होने में दिक्कत न हो। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एसडीओ-बीडीओ की निगरानी में एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था की जा रही है। लॉकडाउन का सख्ती से पालन हुआ, इसलिए संक्रमित पाये जाने की दर 7 फीसद घटी। राजद नकारात्मकता संक्रमित पार्टी है, इसलिए उसे 27 हजार से ज्यादा लोगों का स्वास्थ होना भी दिखाई नहीं पड़ता। क्या बिना कोरोना योद्धाओं की मदद के इतने मरीज ठीक हो गए? कोरोना योद्धाओं के लिए राजद ने क्या किया? 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए विदेशों से कालाधन वापस लाने के लिए एसआईटी का गठन किया। विदेश भागने वाले आर्थिक अपराधियों की सम्पत्ति जब्त करने का कानून भी मोदी सरकार ने बनाया। राहुल गांधी बतायें कि जिस यूपीए सरकार के समय विदेशों में जमा कालाधन दिन दूना, रात चौगुना बढ़ा, उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद एसआईटी का गठन क्यों नहीं किया था। 

मोदी ने कहा कि कांग्रेस बताये कि विजय माल्या और मेहुल चौकसी को किसके फोन पर करोड़ों रुपये के बैंक लोन मिले थे। उन्हें कौन बचा रहा था और अब भगोड़ा माल्या बैंक का कर्ज चुकाने के लिए मोदी सरकार के सामने क्यों गिडगिड़ा रहा है। राहुल गांधी झूठे आरोप लगाकर अपनी कमीज के दाग छिपाना चाहते हैं, लेकिन हर बार नाकाम होते हैं। वे भूल गए कि चौकीदार को चोर बताना पिछले चुनाव उन्हें कितना भारी पड़ा। 

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